रायपुर। खेल एवं युवा कल्याण विभाग ने प्रदेश में खेल गतिविधियों को तेज करने और ज्यादा खिलाड़ियों तक पहुंच बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। संचालक आकांक्षा शिक्षा खलखो ने गुरुवार को राज्य के 25 से ज्यादा खेल संघों के पदाधिकारियों के साथ बैठक की। इसमें बस्तर, सरगुजा और दूरस्थ अनुसूचित क्षेत्रों समेत जिला स्तर पर खेल गतिविधियां बढ़ाने की रणनीति पर चर्चा हुई।
सरदार वल्लभ भाई पटेल अंतर्राष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम के सभाकक्ष में हुई बैठक में संचालक ने सभी राज्य खेल संघों को अपना वार्षिक खेल कैलेंडर खेल संचालनालय को अनिवार्य रूप से भेजने के निर्देश दिए। इससे पूरे साल होने वाली खेल गतिविधियों की जानकारी विभाग के पास रहेगी और उनके क्रियान्वयन की निगरानी की जा सकेगी।
33 जिलों में खेल संघों के पंजीयन की प्रक्रिया होगी तेज
बैठक में प्रदेश के सभी 33 जिलों में जिला स्तरीय खेल संघों के चरणबद्ध पंजीयन और विभागीय मान्यता की प्रक्रिया जल्द पूरी करने को कहा गया। विभाग का फोकस जिला स्तर पर खेल गतिविधियों को मजबूत करने और स्थानीय स्तर पर खिलाड़ियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने पर रहेगा।
बैठक में अंतर्राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों की जारी टॉप-100 एथलीट्स सूची से संबंधित जो जानकारी अब तक विभाग को नहीं मिली है, उसे जल्द उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। खेल संघों से खिलाड़ियों से जुड़ी जानकारी समय पर उपलब्ध कराने और विभाग के साथ बेहतर समन्वय बनाए रखने को कहा गया।
रिव्यू समिति करेगी संघों के साथ समन्वय
खेल संघों और विभाग के बीच लगातार समन्वय के लिए संयुक्त रिव्यू समिति गठित करने की घोषणा की गई। इसके जरिए खेल गतिविधियों की प्रगति, संघों की समस्याओं और योजनाओं के क्रियान्वयन की नियमित समीक्षा की जाएगी।
डोपिंग को लेकर सेमिनार, रजिस्ट्रार कार्यालय से होगी बैठक
खिलाड़ियों में डोपिंग को लेकर जागरूकता बढ़ाने के लिए सेमिनार आयोजित करने का निर्णय लिया गया। वहीं खेल संस्थाओं के पंजीयन से जुड़े विषयों पर रजिस्ट्रार फर्म एवं सोसाइटी कार्यालय के साथ समन्वय बैठक भी आयोजित की जाएगी।
बैठक में संयुक्त संचालक प्रभाकर पाण्डेय, उप संचालक (वित्त) रवि अग्रवाल, सहायक संचालक रुस्तम सारंग और खेल अधिकारी गिरीश शुक्ला समेत खेल संघों के पदाधिकारी मौजूद रहे।