नई दिल्ली। केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार और राज्य मंत्री बी.एल. वर्मा ने शुक्रवार को नई दिल्ली में राष्ट्रीय वयोश्री योजना के तहत दिल्ली-एनसीआर में रहने वाले 114 वरिष्ठ नागरिकों को 10 लाख रुपए से अधिक मूल्य के 662 सहायता एवं सहायक उपकरण वितरित किए। डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर (डीएआईसी) में गांधी जयंती और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में सरकार ने वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान, आत्मनिर्भरता और जीवन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. वीरेंद्र कुमार ने वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान और गरिमापूर्ण जीवन को सुनिश्चित करने के लिए सामूहिक प्रयासों की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने युवाओं, गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ), कॉर्पोरेट जगत और नागरिक समाज संगठनों से वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण के लिए आगे आने की अपील की।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि 1 अक्टूबर को देशभर में अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस मनाया गया। इस अवसर पर गुजरात के भावनगर में 904 वरिष्ठ नागरिकों को सहायता एवं सहायक उपकरण वितरित किए गए। उन्होंने वरिष्ठ नागरिकों की मदद के लिए ऐसी पहलों को आगे बढ़ाने में युवाओं, एनजीओ और नागरिक समाज संगठनों की भूमिका की सराहना की।
डॉ. वीरेंद्र कुमार ने कहा कि बढ़ती उम्र के साथ वरिष्ठ नागरिकों को अक्सर सुनने, चलने-फिरने और दृष्टि से जुड़ी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। सही सहायक उपकरण मिलने से वे रोजमर्रा की गतिविधियों को अधिक आत्मनिर्भरता के साथ कर सकते हैं और सम्मान व आत्मविश्वास के साथ जीवन जी सकते हैं।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि मंत्रालय ने शासन में 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए सेवा संकल्प अभियान के अनुरूप देशभर में घरों में रहने वाले वरिष्ठ नागरिक लाभार्थियों तक सहायक उपकरणों का वितरण बढ़ाने का निर्णय लिया है।
डॉ. वीरेंद्र कुमार ने खेती, साहित्य और सेना समेत विभिन्न क्षेत्रों में वरिष्ठ नागरिकों के योगदान का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कई बुजुर्गों को बढ़ती उम्र में अकेलेपन और सामाजिक अलगाव जैसी चुनौतियों का भी सामना करना पड़ता है। ऐसे में उन्हें सम्मान और गरिमा के साथ जीवन जीने में सहयोग देने के लिए समाज के सभी वर्गों की भागीदारी जरूरी है।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि 2011 की जनगणना के अनुसार भारत में 10.38 करोड़ वरिष्ठ नागरिक थे, जिनमें करीब 70% ग्रामीण क्षेत्रों में रहते हैं। कल्याणकारी सेवाओं तक उनकी पहुंच बेहतर बनाने के लिए मंत्रालय पीएम-दिव्य आशा केंद्रों की संख्या 109 से बढ़ाकर 300 करने की योजना पर काम कर रहा है। इससे वरिष्ठ नागरिकों को सहायक उपकरण और संबंधित सेवाएं आसानी से तथा कम इंतजार के साथ उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
राज्य मंत्री बी.एल. वर्मा ने वरिष्ठ नागरिकों का स्वागत करते हुए राष्ट्रीय वयोश्री योजना के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि जरूरतमंद वरिष्ठ नागरिकों को सहायता एवं सहायक उपकरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में इस योजना को 1 अप्रैल 2017 को शुरू किया गया था।
बी.एल. वर्मा ने राष्ट्र-निर्माण में वरिष्ठ नागरिकों के अमूल्य योगदान और त्याग की सराहना की। उन्होंने कहा कि विभाग की विभिन्न पहलों का उद्देश्य पीढ़ियों के बीच आपसी जुड़ाव बढ़ाना, पीढ़ीगत अंतर कम करना और वरिष्ठ नागरिकों के सामाजिक समावेशन एवं भागीदारी को मजबूत करना है।
राज्य मंत्री ने उम्मीद जताई कि देशभर के वरिष्ठ नागरिक अपने अनुभव, ज्ञान और समझ के जरिए ‘विकसित भारत @2047’ के विजन को साकार करने में योगदान देते रहेंगे।
एएलआईएमसीओ के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक प्रवीण कुमार ने डॉ. वीरेंद्र कुमार के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय वयोश्री योजना के क्रियान्वयन में संस्था के कामकाज और कार्यक्षमता की जानकारी दी। उन्होंने आने वाले वर्षों में वरिष्ठ नागरिकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस्तेमाल पर भी जोर दिया।
कार्यक्रम के समापन पर केंद्रीय मंत्रियों और आमंत्रित वरिष्ठ नागरिकों ने महात्मा गांधी, लाल बहादुर शास्त्री और डॉ. बी.आर. अंबेडकर को पुष्पांजलि अर्पित की। इस अवसर पर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के संयुक्त सचिव सजीश कुमार एन. और एएलआईएमसीओ के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक प्रवीण कुमार समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।