चंडीगढ़: पंजाब के सरकारी कर्मचारियों के लिए दिवाली से पहले एक बेहद शानदार खबर सामने आई है। भगवंत मान सरकार ने राज्य के कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) में 8 प्रतिशत बढ़ोतरी करने पर सहमति जता दी है। इस बंपर बढ़ोतरी के बाद कर्मचारियों का कुल DA अब सीधे 50 प्रतिशत पर पहुंच जाएगा। शुक्रवार को चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री भगवंत मान और कर्मचारी यूनियनों के बीच हुई अहम बैठक में यह फैसला लिया गया। कर्मचारियों के खाते में इस बढ़े हुए भत्ते का फायदा अक्टूबर महीने की सैलरी के साथ आना शुरू हो जाएगा।
2 किस्तों में मिलेगा 8 परसेंट DA, 50 परसेंट पर पहुंचा कुल भत्ता
पंजाब सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच हुई बातचीत पूरी तरह से सफल रही। बैठक में तय किया गया है कि कर्मचारियों को मिलने वाला 8 परसेंट अतिरिक्त DA एक साथ न देकर 4-4 परसेंट की दो किस्तों में दिया जाएगा। इस फैसले से पंजाब के सरकारी खजाने पर करीब 248 करोड़ रुपये का एक्स्ट्रा बोझ पड़ने का अनुमान है। सांझा मुलाजिम फ्रंट के कनवीनर सतीश राणा ने मीडिया को बताया कि हालांकि DA का मामला अदालत में भी चल रहा है लेकिन सरकार ने फिलहाल 8 प्रतिशत देने पर सहमति जताई है जिसे कर्मचारियों ने स्वीकार कर लिया है।
अक्टूबर की सैलरी से खाते में आएगा पैसा
बैठक के बाद पंजाब के कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने कर्मचारी यूनियन के नेताओं के साथ जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने ऐलान किया कि बढ़ा हुआ DA अक्टूबर से लागू किया जाएगा जिसका मतलब है कि नवंबर की शुरुआत में आने वाली अक्टूबर महीने की सैलरी में कर्मचारियों को इजाफा देखने को मिलेगा। अरोड़ा ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों की समस्याओं को खुले दिल से सुना है और अब से सरकार और यूनियनों के बीच अदालत के बजाय बातचीत के जरिए ही विवाद सुलझाने की कोशिश की जाएगी। दो सप्ताह बाद मुख्यमंत्री के साथ एक और बैठक तय की गई है।
पुरानी पेंशन और 200 रुपये प्रोफेशनल टैक्स पर क्या हुआ?
डीए बढ़ोतरी के अलावा बैठक में कई अन्य प्रमुख मांगे भी रखी गईं। यूनियनों ने पुरानी पेंशन योजना (OPS) लागू करने का वादा याद दिलाया, जिस पर सरकार ने कहा कि इस पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। इसके अलावा 2020 के बाद भर्ती हुए कर्मचारियों को पंजाब का वेतनमान देने और हर महीने कटने वाले 200 रुपये के ‘प्रोफेशनल टैक्स’ को खत्म करने की मांग भी उठी। कच्चे कर्मचारियों को पूरे भत्ते देने, कंप्यूटर शिक्षकों को रेगुलर करने और मिड-डे मील वर्करों का वेतन 3,000 रुपये से बढ़ाने जैसे मुद्दों पर भी मुख्यमंत्री ने जांच और समीक्षा का भरोसा दिलाया है।
DA (महंगाई भत्ता) क्या होता है?
महंगाई भत्ता (Dearness Allowance) सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स को उनकी बेसिक सैलरी के ऊपर दिया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य देश में बढ़ती महंगाई (Inflation) के असर को कम करना और कर्मचारियों की जीवनशैली को आर्थिक रूप से स्थिर रखना होता है।