रायपुर, 14 अक्टूबर 2026: महिलाओं को स्तन संबंधी बीमारियों के लिए समय पर जांच, व्यक्तिगत आवश्यकताओं के अनुरूप उपचार और बेहतर फॉलो-अप की सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से रामकृष्ण केयर कैंसर इंस्टीट्यूट ने रायपुर में समर्पित ‘ब्रेस्ट केयर क्लिनिक’ की शुरुआत की।
इस क्लिनिक का उद्घाटन अंतरराष्ट्रीय बॉक्सर एवं रायपुर स्थित RUSH Fitness की संस्थापक आकांक्षा मिश्रा ने मुख्य अतिथि के रूप में किया। इस अवसर पर रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल्स के मेडिकल एवं मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. संदीप दवे भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में डॉक्टरों, ब्रेस्ट कैंसर से उबर चुकी महिलाओं तथा अन्य गणमान्य अतिथियों ने भाग लिया।
इस अवसर पर डॉ. मौ रॉय, सीनियर सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट एवं क्लिनिकल डायरेक्टर – सर्जिकल ऑन्कोलॉजी; डॉ. रवि जायसवाल, सीनियर मेडिकल ऑन्कोलॉजिस्ट एवं विभागाध्यक्ष – मेडिकल ऑन्कोलॉजी; डॉ. गौरव गुप्ता, सीनियर रेडिएशन ऑन्कोलॉजिस्ट एवं विभागाध्यक्ष – रेडिएशन ऑन्कोलॉजी; डॉ. नवीन जैन, सीनियर सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट; डॉ. नीरू केरकेट्टा, सीनियर कंसल्टेंट – न्यूक्लियर मेडिसिन; डॉ. अक्केला फणेंद्र, कंसल्टेंट सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट; डॉ. रुचिर धाकड़, कंसल्टेंट सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट सहित अस्पताल के अन्य वरिष्ठ डॉक्टर एवं अधिकारी उपस्थित रहे।
₹1,499 में ब्रेस्ट हेल्थ स्क्रीनिंग पैकेज
महिलाओं को अपने स्तन स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने और समय पर चिकित्सकीय परामर्श के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से रामकृष्ण केयर कैंसर इंस्टीट्यूट द्वारा ₹1,499 का ब्रेस्ट हेल्थ स्क्रीनिंग पैकेज उपलब्ध कराया जा रहा है।
इस पैकेज में क्लिनिकल ब्रेस्ट एग्जामिनेशन, सोनामैमोग्राफी तथा स्त्री रोग विशेषज्ञ या कैंसर विशेषज्ञ से परामर्श शामिल है।
इस पहल का उद्देश्य महिलाओं के लिए स्तन स्वास्थ्य संबंधी जांच को अधिक सुलभ बनाना और समय पर चिकित्सकीय सलाह लेने के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। जांच और इमेजिंग की आवश्यकता का निर्धारण महिला की उम्र, लक्षणों, व्यक्तिगत जोखिम और चिकित्सकीय स्थिति के आधार पर किया जाएगा।
‘पिंक टॉक्स’ में स्तन में गांठ की जांच और निदान पर चर्चा
क्लिनिक के शुभारंभ के अवसर पर रामकृष्ण केयर कैंसर इंस्टीट्यूट ने रायपुर ऑब्स्टेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी सोसाइटी (ROGS) तथा रायपुर मेनोपॉज सोसाइटी के सहयोग से ‘पिंक टॉक्स’ नामक एक संवादात्मक पैनल चर्चा का आयोजन किया।
इस चर्चा का विषय ‘ट्रिपल असेसमेंट ऑफ ब्रेस्ट लम्प्स’ अर्थात स्तन में गांठ की तीन चरणों में समग्र जांच एवं निदान था।
इसमें वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञों और कैंसर विशेषज्ञों ने भाग लिया तथा सटीक निदान और समय पर उपचार के लिए क्लिनिकल जांच, उपयुक्त ब्रेस्ट इमेजिंग और आवश्यकता पड़ने पर बायोप्सी के महत्व पर प्रकाश डाला।
इस पैनल चर्चा का संचालन रामकृष्ण केयर कैंसर इंस्टीट्यूट की ओर से डॉ. मौ रॉय, डॉ. गौरव गुप्ता और डॉ. रवि जायसवाल ने किया। इसमें रायपुर एवं आसपास के क्षेत्रों के प्रमुख स्त्री रोग विशेषज्ञों और चिकित्सा विशेषज्ञों ने सहभागिता की।
ब्रेस्ट कैंसर सर्वाइवर्स ने साझा किए अपने अनुभव
कार्यक्रम में ब्रेस्ट कैंसर से उबर चुकी दो महिलाओं ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि समय पर बीमारी की पहचान, उचित उपचार, परिवार का सहयोग और उपचार के दौरान आत्मविश्वास बनाए रखना कितना महत्वपूर्ण है।
उनके अनुभवों ने इस संदेश को और मजबूत किया कि महिलाओं को स्तन संबंधी बदलावों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और चिकित्सकीय परामर्श लेने में देरी नहीं करनी चाहिए।
अभियान के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि ‘शायद कुछ नहीं है’ कहना किसी बीमारी का निदान नहीं है। इसलिए किसी भी असामान्य बदलाव को अनदेखा करने के बजाय समय पर डॉक्टर से परामर्श लेना आवश्यक है।
22 वर्षों के अनुभव के साथ उन्नत ब्रेस्ट ऑन्कोलॉजी सेवाएं
रामकृष्ण केयर कैंसर इंस्टीट्यूट में ब्रेस्ट ऑन्कोलॉजी के क्षेत्र में 22 वर्षों की विशेषज्ञता के आधार पर महिलाओं को उन्नत उपचार सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
इनमें ब्रेस्ट कंजर्वेशन सर्जरी, वायर-गाइडेड ब्रेस्ट सर्जरी, सेंटिनल लिम्फ नोड मैपिंग, ऑनकोप्लास्टिक ब्रेस्ट सर्जरी, संपूर्ण ब्रेस्ट रिकंस्ट्रक्शन तथा जोखिम कम करने के उद्देश्य से की जाने वाली ब्रेस्ट सर्जरी शामिल हैं।
इन सभी प्रक्रियाओं का चयन मरीज की चिकित्सकीय स्थिति, बीमारी की प्रकृति और उपचार की उपयुक्तता के आधार पर किया जाता है।
आकांक्षा मिश्रा ने कहा—महिलाओं के स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता जरूरी
अंतरराष्ट्रीय बॉक्सर एवं RUSH Fitness, रायपुर की संस्थापक आकांक्षा मिश्रा ने कहा:
“एक खिलाड़ी के रूप में मेरा हमेशा से मानना रहा है कि महिला की वास्तविक ताकत उसके अच्छे स्वास्थ्य से शुरू होती है। हम महिलाओं को फिट और सक्रिय रहने के लिए प्रोत्साहित करते हैं, लेकिन इसके साथ ही अपने शरीर के संकेतों को समझना और स्वास्थ्य में होने वाले बदलावों को नजरअंदाज न करना भी उतना ही जरूरी है।
कई महिलाएं डर या सामाजिक झिझक के कारण स्तन संबंधी समस्याओं पर खुलकर बात नहीं कर पाती हैं। हमें इस सोच को बदलने की जरूरत है। सही समय पर चिकित्सकीय सलाह लेना डर की नहीं, बल्कि साहस की निशानी है।
मैं रामकृष्ण केयर कैंसर इंस्टीट्यूट की इस पहल की सराहना करती हूं, जो महिलाओं के लिए विशेषज्ञ ब्रेस्ट केयर सेवाओं को अधिक सुलभ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।”
डॉ. संदीप दवे ने कहा—जागरूकता, जांच और उपचार के बीच की दूरी कम करना जरूरी
“ब्रेस्ट कैंसर के उपचार के क्षेत्र में अगला महत्वपूर्ण कदम जागरूकता, बीमारी के निदान और उपचार के बीच की बाधाओं को दूर करना है।
जागरूकता अभियान तभी प्रभावी साबित होता है, जब किसी महिला को यह पता हो कि समस्या होने पर उसे कहां जाना है और वह बिना अनावश्यक देरी के समन्वित चिकित्सा सेवाएं प्राप्त कर सके।
स्वास्थ्य संस्थानों की जिम्मेदारी है कि वे विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं, स्पष्ट मार्गदर्शन और मरीजों के सहयोग को एक साथ उपलब्ध कराएं, ताकि प्रत्येक महिला को उसकी चिकित्सकीय जरूरतों और गरिमा का सम्मान करते हुए उपचार मिल सके।”
डॉ. मौ रॉय ने कहा—ब्रेस्ट कैंसर में हर मरीज के लिए पूरी ब्रेस्ट निकालना जरूरी नहीं
रामकृष्ण केयर कैंसर इंस्टीट्यूट की क्लिनिकल डायरेक्टर एवं सीनियर कंसल्टेंट – सर्जिकल ऑन्कोलॉजी डॉ. मौ रॉय ने बताया:
“ब्रेस्ट कैंसर का निदान होने का अर्थ यह नहीं है कि हर मरीज की पूरी ब्रेस्ट निकालनी पड़ेगी। उपयुक्त मरीजों में ब्रेस्ट कंजर्वेशन और ऑनकोप्लास्टिक सर्जरी के माध्यम से कैंसर का उपचार करते हुए स्तन के आकार को सुरक्षित रखा जा सकता है।
यदि किसी मरीज के लिए मास्टेक्टॉमी यानी पूरी ब्रेस्ट निकालने की सर्जरी आवश्यक हो, तो उसके साथ ब्रेस्ट रिकंस्ट्रक्शन के विकल्पों पर भी चर्चा की जानी चाहिए।
प्रत्येक महिला को अपनी सर्जरी के विकल्पों को समझने का अवसर मिलना चाहिए। हालांकि, कैंसर पर प्रभावी नियंत्रण हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता बनी रहती है।”
20 वर्ष की उम्र से ब्रेस्ट हेल्थ के प्रति जागरूक रहने की सलाह
डॉक्टरों ने महिलाओं को 20 वर्ष की उम्र से ही अपने स्तनों के सामान्य आकार और बनावट के प्रति जागरूक रहने तथा स्वयं जांच के माध्यम से किसी भी असामान्य बदलाव को पहचानने की सलाह दी।
स्तन या बगल में नई गांठ, त्वचा में गड्ढा पड़ना, निप्पल में बदलाव या असामान्य स्राव जैसे लक्षण दिखाई देने पर चिकित्सकीय परामर्श लेना चाहिए। ऐसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, भले ही उनमें दर्द न हो।
उम्र बढ़ने के साथ ब्रेस्ट कैंसर का जोखिम बढ़ता है, विशेषकर 40 वर्ष के बाद। हालांकि, कम उम्र की महिलाओं में भी यह बीमारी हो सकती है। इसलिए स्क्रीनिंग का निर्णय उम्र, व्यक्तिगत जोखिम और डॉक्टर की सलाह के अनुसार लिया जाना चाहिए।
डॉ. रवि जायसवाल ने कहा—हर मरीज के लिए उपचार की योजना अलग होती है
रामकृष्ण केयर कैंसर इंस्टीट्यूट के सीनियर कंसल्टेंट एवं विभागाध्यक्ष – मेडिकल ऑन्कोलॉजी एवं हेमेटो-ऑन्कोलॉजी डॉ. रवि जायसवाल ने कहा:
“मेडिकल उपचार की योजना ट्यूमर की विशेषताओं, बीमारी के चरण और मरीज के समग्र स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए तैयार की जाती है।
इसके साथ ही मरीजों को यह समझाना भी महत्वपूर्ण है कि किसी विशेष उपचार की सलाह क्यों दी जा रही है, उपचार के संभावित दुष्प्रभावों को कैसे नियंत्रित किया जा सकता है और निर्धारित उपचार को पूरा करना क्यों जरूरी है।
इस पूरी प्रक्रिया में मरीजों और उनके परिवार के साथ स्पष्ट संवाद बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।”
रेडिएशन थेरेपी में उन्नत तकनीक का उपयोग
रामकृष्ण केयर कैंसर इंस्टीट्यूट में रेडिएशन ऑन्कोलॉजी सेवाओं के अंतर्गत एक्टिव ब्रीद कोऑर्डिनेटर (ABC) तकनीक का उपयोग किया जाता है।
यह तकनीक नियंत्रित तरीके से सांस रोककर रेडिएशन थेरेपी देने में सहायता करती है। उपयुक्त मरीजों में, विशेषकर बाईं ओर के स्तन के कैंसर के उपचार के दौरान, इससे हृदय पर पड़ने वाले रेडिएशन के प्रभाव को कम करने में मदद मिल सकती है।
रेडिएशन ऑन्कोलॉजी विभाग के सीनियर कंसल्टेंट एवं विभागाध्यक्ष डॉ. गौरव गुप्ता ने कहा:“जहां आवश्यक हो, वहां रेडिएशन थेरेपी ब्रेस्ट कैंसर के उपचार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होती है। हम उपचार की योजना सावधानीपूर्वक तैयार करते हैं, ताकि प्रभावित क्षेत्र को लक्षित करते हुए आसपास के स्वस्थ ऊतकों पर रेडिएशन का प्रभाव सीमित रखा जा सके। इसके साथ ही मरीजों को उपचार के दौरान होने वाली प्रक्रियाओं और अनुभवों के बारे में भी उचित मार्गदर्शन दिया जाता है।”
सर्वाइवर्स की कहानियों ने दिया साहस और समय पर उपचार का संदेश
कार्यक्रम में ब्रेस्ट कैंसर से उबर चुकी दो महिलाओं ने बीमारी के दौरान आने वाली भावनात्मक चुनौतियों, परिवार के सहयोग और समय पर उपचार के महत्व को साझा किया।
उन्होंने महिलाओं से डर और सामाजिक झिझक को दूर करने, ब्रेस्ट कैंसर के बारे में खुलकर बात करने तथा बिना किसी संकोच के चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील की।
उनकी कहानियों ने यह महत्वपूर्ण संदेश दिया कि ब्रेस्ट कैंसर शर्म या चुप्पी का विषय नहीं है। समय पर निदान और उचित उपचार से बीमारी से उबरने की उम्मीद मजबूत हो सकती है।
प्रत्येक गुरुवार को उपलब्ध होगी ब्रेस्ट केयर क्लिनिक की सुविधा
रामकृष्ण केयर कैंसर इंस्टीट्यूट की समर्पित ब्रेस्ट केयर क्लिनिक प्रत्येक गुरुवार को संचालित होगी।
यहां महिलाओं को विशेषज्ञ डॉक्टरों से परामर्श, स्तन स्वास्थ्य संबंधी जांच तथा आवश्यकता के अनुसार आगे की जांच और उपचार के लिए मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा।
इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को एक ही स्थान पर समन्वित विशेषज्ञ सेवाएं उपलब्ध कराना और ब्रेस्ट कैंसर सहित स्तन संबंधी अन्य बीमारियों की समय पर पहचान एवं उपचार को प्रोत्साहित करना है।
रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल्स के बारे में
रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल्स, एस्टर डीएम क्वालिटी केयर लिमिटेड का हिस्सा है, जो भारत के प्रमुख एकीकृत स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं में से एक है। इसका गठन एस्टर डीएम हेल्थकेयर लिमिटेड और क्वालिटी केयर इंडिया लिमिटेड के विलय के बाद हुआ है।
इस संयुक्त नेटवर्क में चार प्रमुख हेल्थकेयर ब्रांड—एस्टर डीएम, केयर हॉस्पिटल्स, एवरकेयर और किम्सहेल्थ—शामिल हैं। इस नेटवर्क के अंतर्गत 28 शहरों में 39 अस्पताल और 10,600 से अधिक बेड उपलब्ध हैं।
मध्य भारत के प्रमुख तृतीयक स्वास्थ्य सेवा केंद्रों में शामिल रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल्स विभिन्न विशेषज्ञताओं में जटिल चिकित्सा एवं सर्जिकल मामलों के उपचार के लिए जाना जाता है।
अत्याधुनिक तकनीकों, अनुभवी चिकित्सकों और कार्डियक साइंसेज, ऑन्कोलॉजी, न्यूरोसाइंसेज, अंग प्रत्यारोपण एवं क्रिटिकल केयर जैसे उत्कृष्टता केंद्रों के माध्यम से अस्पताल मरीज-केंद्रित स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने तथा बेहतर उपचार परिणाम सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
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सुकुमार दाश
रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल्स
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