आरपीएफ के 42वें स्थापना दिवस पर दिखा आरपीएफ का नया स्वरूप:रेलवे सुरक्षा में ड्रोन और रोबोट का प्रदर्शन

रायपुर। आरपीएफ के 42वें स्थापना दिवस पर सोमवार को डब्ल्यूआरएस कॉलोनी स्थित इंस्टीट्यूट ग्राउंड में रेलवे सुरक्षा से जुड़ी आधुनिक तकनीकों का प्रदर्शन किया गया। इसमें ड्रोन, ह्यूमनॉइड रोबोट अर्जुन, डिजिटल क्राइम एनालिसिस मॉड्यूल और फिंगरप्रिंट रिकग्निशन सिस्टम शामिल रहे।
इन तकनीकों से अपराधों का विश्लेषण, संदिग्धों की पहचान और निगरानी में मदद मिल सकती है। प्रदर्शनी में ड्रोन के जरिए निगरानी, डिजिटल क्राइम एनालिसिस मॉड्यूल से अपराध संबंधी सूचनाओं के विश्लेषण और फिंगरप्रिंट रिकग्निशन सिस्टम से पहचान की प्रक्रिया दिखाई गई। ह्यूमनॉइड रोबोट अर्जुन भी आकर्षण का केंद्र रहा।
मैदान में जवानों ने दिखाई क्षमता| समारोह में महिला टुकड़ी, कमांडो, डॉग स्क्वॉड और सेगवे दस्ते ने परेड में हिस्सा लिया। तकनीकी प्रदर्शन के साथ जवानों की तैयारी और अनुशासन भी आयोजन का हिस्सा रहे।
जान बचाने वाले कर्मियों का सम्मान
आरपीएफ महानिदेशक सोनाली मिश्रा ने उत्कृष्ट सेवा के लिए तीन राष्ट्रपति पुलिस पदक और सराहनीय सेवा के लिए 30 पुलिस पदक प्रदान किए। वर्ष 2024 में रेल यात्री की जान बचाने वाले आरपीएफ कर्मी को जीवन रक्षा पदक से सम्मानित किया गया। समारोह में सांसद बृजमोहन अग्रवाल, दपूमरे के महाप्रबंधक तरुण प्रकाश, मंडल रेल प्रबंधक दयानंद, छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम और आरपीएफ आईजी मुनव्वर खुर्शीद मौजूद रहे।