विदेश मंत्री जयशंकर और विसेग्राड-4 देशों की बैठक, भारत को उभरती हुई सुपरपावर बताया

नई दिल्ली। विदेश मंत्री एस. जयशंकर और मध्य यूरोप के ‘विसेग्राड 4’ (वी4) देशों के नेताओं ने पहली बार बैठक की। इसे एक नया ऐतिहासिक अवसर बताया गया, जिससे इन देशों के साथ भारत के रिश्तों को और आगे बढ़ने की उम्मीद है। बैठक बुलाने वाले स्लोवाकिया के विदेश मंत्री जुराज ब्लानार ने भारत को ‘उभरती हुई सुपरपावर’ बताया। उन्होंने वी4 देशों की ओर से कहा कि वे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में भारत को स्थायी सदस्यता दिए जाने का समर्थन करते हैं।

ब्लानार ने पत्रकारों से कहा, “हम चारों देश इस बात पर सहमत हैं कि ग्लोबल साउथ का हिस्सा और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में उभरती हुई सुपरपावर भारत को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्य के तौर पर जगह मिलनी चाहिए।”

बैठक के नतीजों के बारे में जयशंकर ने कहा, “हम इस बात पर सहमत हुए हैं कि क्योंकि यूरोपीय संघ के साथ भारत के संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं, इसलिए वी4 देशों के साथ भी हम कुछ खास पहल करेंगे, जिनमें हर साल एक बिजनेस फोरम आयोजित करना शामिल है।”

जयशंकर ने बताया कि चारों देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक हर साल करने पर भी सहमति हुई है। दोनों पक्ष टेक्नोलॉजी और रक्षा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाना चाहते हैं। इन क्षेत्रों में भारत और वी4 देश पहले भी मिलकर काम कर चुके हैं। जयशंकर ने कहा कि टेक्नोलॉजी और इनोवेशन में और ज्यादा सहयोग की संभावनाएं तलाशी जाएंगी।

उन्होंने कहा क‍ि रक्षा के क्षेत्र में वी4 के सभी देशों के साथ हमारा बहुत मजबूत इतिहास रहा है। हम इस पुराने सहयोग को फिर से नई रफ्तार देना और आगे बढ़ाना चाहते हैं। वी4 देशों के साथ सहयोग की संभावनाओं के बारे में जयशंकर ने कहा क‍ि ये मजबूत औद्योगिक अर्थव्यवस्थाएं हैं और इनके पास इनोवेशन और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में बेहतरीन प्रतिभा है। उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा हुई।

जयशंकर के साथ वी4 की बैठक में हंगरी की उप प्रधानमंत्री अनीता ओरबान, पोलैंड के उप प्रधानमंत्री राडेक सिकोरस्की और चेक रिपब्लिक के उप प्रधानमंत्री पेट्र माकिंका ने अपने-अपने देशों का प्रतिनिधित्व किया। इनके पास विदेश मामलों की जिम्मेदारी भी है।

जयशंकर की शुरुआती राजनयिक पोस्टिंग में से एक हंगरी में रही थी। उन्होंने अनीता ओरबान के साथ अलग से भी बैठक की। इस बैठक के बाद जयशंकर ने ‘एक्‍स’ पोस्‍ट में ल‍िखा, “हमने अपने संबंधों को और मजबूत करने के साथ-साथ भारत-यूरोपीय संघ रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए मिलकर काम करने का फैसला किया है।” जयशंकर ने स्लोवाकिया के विदेश मंत्री जुराज ब्लानार के साथ भी अलग से बैठक की। इसके बारे में उन्होंने कहा, “हमारे द्विपक्षीय एजेंडे पर चर्चा करने के अलावा हमने बहुपक्षीय स्तर पर अपने सहयोग को और मजबूत करने के तरीकों पर भी बात की।”

आपको बता दे, विसेग्राड 4 (V4) मध्य यूरोप के चार देशों—चेक गणराज्य (चेकिया), हंगरी, पोलैंड और स्लोवाकिया—का एक सांस्कृतिक और राजनीतिक गठबंधन है। इसकी स्थापना 15 फरवरी 1991 को हंगरी के विसेग्राड शहर में हुई थी। इसका उद्देश्य सैन्य, आर्थिक, सांस्कृतिक और ऊर्जा मामलों में आपसी सहयोग को मजबूत करना और यूरोपीय संघ (EU) तथा नाटो (NATO) में एकीकरण को बढ़ावा देना है।