नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के दौरान नीट परीक्षा पेपर लीक के मुद्दे पर सियासी घमासान जारी है। गुरुवार को केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान समेत भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं और सांसदों ने विपक्ष पर संसद की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार छात्रों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है और पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दे पर संसद में विस्तृत चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है, लेकिन विपक्ष चर्चा से बच रहा है।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सरकार विकसित भारत के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए युवाओं की आकांक्षाओं और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर संसद में व्यापक चर्चा चाहती है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष पहले चर्चा की मांग करता है, फिर अलग नियम के तहत चर्चा की बात करता है और जब सरकार सभी शर्तें मानने को तैयार हो जाती है, तब भी चर्चा से पीछे हट जाता है। उनके अनुसार विपक्ष को आशंका है कि सदन में बहस होने पर उसके पुराने रिकॉर्ड और भूमिका पर भी सवाल उठेंगे।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट किया है कि छात्रों के कल्याण से बढ़कर सरकार के लिए कोई विषय नहीं है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक जैसे अपराधों में शामिल लोगों के खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से मुकदमा चलाया जाएगा और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष का उद्देश्य छात्रों के हितों की रक्षा नहीं, बल्कि राजनीतिक लाभ हासिल करना और अराजकता फैलाना है।
भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) एक स्वायत्त संस्था है और यदि उसके कामकाज में किसी प्रकार की कमी सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है। उन्होंने कहा कि जिन अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठे, उनके खिलाफ कदम उठाए गए हैं और परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी एवं सुरक्षित बनाने के लिए आवश्यक सुधार भी किए गए हैं।
अनुराग ठाकुर ने कहा कि सरकार ने पेपर लीक मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट की व्यवस्था का फैसला किया है। उनके अनुसार युवाओं की अपेक्षा एक पारदर्शी, फूलप्रूफ और लीक-प्रूफ परीक्षा प्रणाली की है। उन्होंने कहा कि सरकार दोषियों के खिलाफ सख्त और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित कर रही है तथा विपक्ष पर इस मुद्दे का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया।
भाजपा सांसद जगदंबिका पाल ने कहा कि संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू और भाजपा अध्यक्ष जे.पी. नड्डा स्पष्ट कर चुके हैं कि सरकार इस विषय पर जितनी देर तक विपक्ष चाहे, उतनी देर तक चर्चा के लिए तैयार है। इसके बावजूद विपक्ष लगातार हंगामा कर संसद की कार्यवाही नहीं चलने दे रहा है। उन्होंने कहा कि इससे करदाताओं के पैसे का नुकसान हो रहा है और विपक्ष समाधान के बजाय राजनीतिक टकराव को प्राथमिकता दे रहा है।
भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने कहा कि सरकार छात्रों के साथ खड़ी है और उनकी जायज मांगों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है। उन्होंने कहा कि शिक्षा प्रणाली में व्यापक और बुनियादी सुधार के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। उनके अनुसार पेपर लीक की घटनाएं वर्षों से राज्य और केंद्र, दोनों स्तरों पर होती रही हैं और इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान आवश्यक है, क्योंकि शिक्षा लाखों युवाओं के लिए सामाजिक और आर्थिक प्रगति का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम है।
भाजपा सांसद साक्षी महाराज ने कहा कि सरकार हर स्तर पर चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि किसी भी समस्या का समाधान संवाद और बहस के माध्यम से ही संभव है। उन्होंने विपक्ष से संसद की कार्यवाही में भाग लेकर छात्रों और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर रचनात्मक चर्चा करने की अपील की।