नई दिल्ली । मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने मतदाताओं के हित और संवैधानिक व्यवस्था की मजबूती के लिये चुनाव आयोग तथा राज्यों के चुनाव आयोगों के बीच पूर्ण तालमेल और समन्वय पर बल दिया है। मुख्य चुनाव आयुक्त कुमार मंगलवार को यहां राज्य चुनाव आयुक्तों के राष्ट्रीय गोलमेज सम्मेलन का उद्घाटन कर रहे थे। भारत मंडपम में आयोजित यह सम्मेलन 27 साल बाद हो रहा है। दिन भर के इस सम्मेलन में चुनाव आयुक्त कुमार के साथ चुनाव आयुक्त डॉ एसएस संधू और डॉ विवेक जोशी भी थे।
कुमार ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा , देश के हित और संवैधानिक तालमेल के लिये चुनाव आयोग और राज्य चुनाव आयोगों को मतदाताओं को ध्यान में रखते हुए मिलकर काम करना चाहिए। आयोग के अधिकारियों ने कहा कि श्री कुमार सभी राज्यों के चुनाव आयुक्तों को देश और संवैधानिक हित में मिलकर काम करने और तालमेल के संबंध में चर्चा के लिए उद्देश्य से ढाई दशक से भी अधिक के अंतराल के बाद एक साथ एक मंच पर लाये हैं।
चुनाव आयोग संसदीय और राज्य विधानसभा चुनाव करता है। संविधान में राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति पद के चुनाव कराने का दायित्व भी चुनाव आयोग को ही दिया गया है।संविधान के 73वें और 74वें संशोधनों के अनुसार स्थानीय निकायों के चुनाव कराने के लिए राज्य चुनाव आयोग की व्यवस्था की गयी । अनुच्छेद 243 के और 243 जेड ए के तहत राज्य चुनाव आयोगों को क्रमश: पंचायत और नगर निकायों के चुनावों के संचालन, उनके लिए मतदाता सूची तैयार करने , स्थानीय नगर निकायों के चुनाव के लिए दिशानिर्देश जारी करने और चुनाव प्रक्रिया का नियंत्रण करने का अधिकार है।